संसद में बजट सत्र का दूसरा चरण जारी है। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा है जिस कारण कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा। आपको बता दें कि बुधवार को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का दूसरा दिन है। देश के गृह मंत्री अमित शाह आज चर्चा पर जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा का स्पीकर किसी दल का नहीं होता, वह सभी का होता है। इससे पहले मंगलवार को सदन में महज 47 मिनट चर्चा हो पाई। बहस के लिए तय सवा 6 घंटे हंगामे में बर्बाद हो गए। बुधवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें सदन में बोलने से रोका जाता है।
इससे पहले मंगलवार को सदन विपक्ष के हंगामे के बीच चला। चर्चा स्पीकर के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन को लेकर हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस प्रोटेस्ट को लेकर ऐसी बात कही जिसपर आज बीजेपी ने जबरदस्त हमला बोला। राहुल ने AI समिट पर बात की और कहा कि कर दिया काम यूथ कांग्रेस वालों ने आज बीजेपी की ओर से संबित पात्रा बोले। उन्होंने कहा कि राहुल की हंसी मीर जाफर जैसी थी। उन्होंने साबित कर दिया कि यूथ कांग्रेस के प्रोटेस्ट के आर्किटेक्ट और डिजाइनर राहुल थे।
संसद में बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला। किरेन रिजिजू ने इशारों में कहा कि राहुल गांधी खुद को ज्ञानी समझते हैं। बिना फैक्ट चेक के आरोप लगाते हैं..उन्होंने कहा कि राहुल ने बयान दिया था कि उन्हें संसद में बोलने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं। रिजिजू ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि विपक्ष के कई सीनियर लीडर मौजूद थे। किसी ने राहुल गांधी को बताया नहीं कि बोलने के लिए स्पीकर की परमिशन जरूरी है। इसके बिना कोई सांसद अपनी मर्जी से नहीं बोल सकता।
जब संसद में किरेन रिजिजू अपनी बात खत्म कर रहे थे तो राहुल गांधी सदन में नहीं थे। वहां प्रियंका गांधी बैठी थीं। उन्होंने तुरंत बयान दिया। प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले 12 साल में एक ही शख्स नहीं झुका वो हैं राहुल गांधी। जो सत्ता पक्ष के सामने कभी नहीं झुके..वो लीडर ऑफ अपोजिशन राहुल गांधी हैं। प्रियंका ने कहा कि राहुल सच बोलते हैं और सरकार इस सच को पचा नहीं पाती।
आइए जानते हैं संसद के सत्र से जुड़ी हर अपडेट हमारे इस Live Blog में...
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज। अमित शाह के भाषण के बीच विपक्ष की ओर से भारी हंगामा किया गया। भारी हंगामे के बीच अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया।
अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष की ओर से भारी शोरगुल हो रहा है। माफी मांगो.. माफी मांगो के नारे विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के सांसद वेल में पहुंचे। अमित शाह ने शोरगुल के बाद भाषण खत्म किया और कहा कि स्पीकर पद की गरिमा को बचाए रखने के लिए इस अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किया जाए।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा कि वे कभी संसद में आंख मारते हैं, कभी फ्लाइंग किस करते हैं और कभी प्रधानमंत्री के गले से लिपट जाते हैं। फिर आरोप लगाते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। अमित शाह के इस जवाब के दौरान विपक्ष की ओर हंगामा किया जाने लगा। अमित शाह ने कहा कि अगर मेरे भाषण में कोई शब्द असंसदीय हो तो उसे हटा दिया जाए।
अमति शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जब जब बजट सत्र या कोई अहम सत्र आता है तो राहुल गांधी जी की विदेश यात्रा का कार्यक्रम तय हो जाता है। और वो बोलते हैं कि हमें बोलने नहीं जाता है। भाई जो आदमी विदेश में है वो संसद में क्या बोलेगा? फिर भी आरोप लगाते हैं कि हमें बोलने नहीं दिया जाता। 18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद 157 घंटे और 55 मिनट बोले। विपक्ष के नेता ने कितना बोला? आपने क्यों नहीं बोला? किस स्पीकर ने आपको रोका? कोई नहीं रोक सकता। लोकसभा को बदनाम करने के लिए यह किया जा रहा है।"
अमित शाह ने कहा कि लोकसभा को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार किया जा रहा है। वो (राहुल) बोलना नहीं चाहते हैं। बोलना चाहते हैं तो नियम के अनुसार बोलना चाहिए। स्पीकर द्वारा रखे गए विषय पर न बोलकर अलग विषय पर बोलते हैं। स्पीकर द्वारा टोके जाने पर कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते। कभी कहते हैं कि उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस के विषय पर बहस हो। ये लोकसभा है कोई स्टॉक मार्केट नहीं जो आपके प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "कुछ सदस्यों ने कहा कि यह(अविश्वास प्रस्ताव) माइक के कारण आया है, माइक बंद होता है। अभी गिरिराज सिंह भी खड़े होकर पप्पू यादव के खिलाफ बोल रहे थे तो उनका माइक बंद कर दिया गया। मंत्री होने के बावजूद भी माइक बंद होता है। यह सदन नियमों से चलता है, जो नियमों, अनुशासन से नहीं चलेगा उसका माइक बंद होगा और बंद हो ही जाना चाहिए।"
"मैं अविश्वास प्रस्ताव जो रखा गया है उसपर बात करना चाहता हूं। अनुच्छेद 94(C) के तहत और लोकसभा के नियम 200 के अनुसार संकल्प का नोटिस सदस्य के.सी. वेणुगोपाल और 119 सदस्यों ने दिया। शायद वे आधे-अधूरे मन से ही प्रस्ताव लाए होंगे... उन्होंने अंदर तिथि में 2025 लिखा। उन्होंने संकल्प भी सलंग्न नहीं किया, उन्होंने सोचा कि स्पीकर इसे नकार देंगे। जब यह उनके ध्यान में लाया गया तो उन्होंने इसे वापस ले लिया और दूसरा नोटिस लाया। दूसरे नोटिस पर सिर्फ गौरव गोगोई के वास्तविक हस्ताक्षर हैं, बाकी सारे ज़ेरॉक्स थे, यह नियमानुसार रिजेक्ट होने का मामला है। फोटोकॉपी नहीं चलती... उनमें इतनी गंभीरता नहीं है कि नियमों के अनुसार प्रस्ताव लाएं। किसी पार्टी के नियम से सदन नहीं चलेगा, लोकसभा के नियमों से ही सदन चलेगा।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "स्पीकर का प्रथम कर्तव्य व्यवस्था और शिष्टाचार बनाए रखना है। अगर कोई भी व्यक्ति खड़े होकर अपने मन से कुछ भी बोलेगा तो स्पीकर को उसे बैठाना पड़ेगा क्योंकि विषय तय होते हैं। शशि थरूर, बालू साहब जैसे कितने वरिष्ठ सदस्य हैं वहां मुझे समझ नहीं आता कि वे क्यों नहीं सिखाते इन्हें.. इतना सिखा दें तो समस्या का वहीं समाधान हो जाए।"
कांग्रेस पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा कि ये नियम को पढ़ते नहीं हैं, किसी पार्टी के नियम से सदन नहीं चलेगा। सदन के अपने नियम हैं और उसी के आधार पर सदन चलेगा। दो-दो बार नियमों के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव नहीं भेजने के बाद भी ओम बिरला जी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।
अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमारी पार्टी भी विपक्ष में रही है। लेकिन तीन लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। बीजेपी और एनडीए कभी भी विपक्ष में रहते हुए स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाई।
अमित शाह ने कहा- नियमों को तोड़ने पर स्पीकर का टोकना सही। हमें स्पीकर के निर्णय और निष्ठा पर संदेह नहीं करना चाहिए। संविधान ने उन्हें काफी शक्ति दी है। संसद आपसी विश्वास से चलता है। पक्ष-विपक्ष दोनों के लिए सदन के स्पीकर अभिरक्षक होते हैं, उन्हें लोकसभा कैसे चलानी है, इसके लिए इसी लोकसभा ने कुछ नियम बनाए हैं... सदन के अंदर सदन के नियमों के अनुसार बोलना होता है। सदन के नियम जिसकी अनुमति नहीं देते हैं उस हिसाब से किसी को बोलने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो। जब आप नियमों को नज़रअंदाज करेंगे तो स्पीकर का पवित्र दायित्व है कि उसे रोके, टोके और निकाल कर बाहर करें। यह नियम हमने नहीं बनाए, यह नेहरू जी के समय से चले आ रहे हैं।"
अमित शाह ने कहा- संविधान ने स्पीकर के पद को मध्यस्थ की भूमिका में रखा है लेकिन आपने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए। पिछले 75 साल में स्पीकर के पद ने इस लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का गृह मंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये घटना कोई सामान्य घटना नहीं है। करीब 4 दशक बात एक बाद फिर से लोकसभा अध्यक्ष के सामने अविश्वास प्रस्ताव आया है। संसदीय राजनीति और ये सदन दोनों के लिए ये अफसोसजनक घटना है। स्पीकर किसी दल के नहीं होते हैं सदन के होते हैं। एक प्रकार से सदन के सभी सदस्यों के अधिकार के वे संरक्षक भी होते हैं।"
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "लोकसभा स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, राहुल गांधी और उनकी पार्टी के पास समय था वे जितना मर्ज़ी बोलते। उनकी पार्टी के पास तथ्य, तर्क, आधार नहीं है। आज विपक्ष पूरी तरह बेनकाब हो गया है। चाहे कोई भी कुर्सी पर हो सब नियमानुसार सदन चलाते हैं लेकिन कुछ लोग हैं जो सदन को चलने नहीं देते, नियमों को तार-तार करते हैं, अवरोध पैदा करते हैं, टेबल पर खड़े होकर कागज़ फेंकते हैं। सभी सांसदों ने कहा कि ओम बिरला से हमें कोई शिकायत नहीं है तो शिकायत किससे है? तो विरोध किस बात का है?"
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, "राहुल गांधी अपने वक्तव्य को दोहराते रहते हैं। उन्होंने कहा मुझे बोलने नहीं दिया जाता है, वे बार-बार यही बात बोलते हैं। 17वीं लोकसभा में हम सब बैठे थे, राहुल गांधी ने सिर्फ 8 डिबेट में हिस्सा लिया। जहां तक प्रश्न पूछने का सवाल है या डिबेट में भाग लेने का सवाल है तो आप 15वीं लोकसभा से अभी तक देखें कि उनका प्रदर्शन कैसा रहा है? राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जब धन्यवाद ज्ञापन करना था तो हमने 40-45 मिनट इंतजार किया लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा, नेता प्रतिपक्ष ने बस एक अप्रकाशित अंश को दिखाकर हंगामा किया।"
LPG सिलेंडर की कमी की खबरों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "कमी का कारण दुनिया जानती है। हवाई किराया और गैस की कीमतें नहीं बढ़नी चाहिए लेकिन युद्ध के कारण ऐसा हो रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें भी रास्ता निकाल रही है। युद्ध खत्म हो जाएगा तो सब ठीक हो जाएगा।"
समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने TMC द्वारा CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर कहा, "मैं उनके फैसले का न केवल स्वागत करता हूं बल्कि अपनी पार्टी, अपने नेता की ओर से उसका समर्थन भी करता हूं। इस महाभियोग प्रस्ताव में समाजवादी पार्टी उनके साथ है क्योंकि जिस तरह का पक्षपात, जिस तरह से विपक्ष की हर बातों पर चुनाव आयोग ने आंखें बंद कर ली है ऐसा कभी नहीं हुआ। हमने उसपर हस्ताक्षर किया है, हम साथ देंगे।"
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और एस जयशंकर से मुलाकात पर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन कहते हैं, "यह स्पष्ट है कि प्रमुख होटल बंद हो रहे हैं... देश में भारी समस्या व्याप्त है लेकिन समस्या को हल करने और कुछ वैकल्पिक रास्ते खोजने के बजाय, सरकार दावा कर रही है कि कोई कमी या संकट नहीं है, जो पूरी तरह से झूठ है... सरकार को तत्काल कदम उठाना चाहिए..."
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "जनता कितना बर्दाश्त करेगी? इन 10 सालों में हर चीज के दाम बढ़ गए हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है। अभी आप LPG का मुद्दा देख लें, सब इनकी नीतियों की वजह से। अगर सदन में इन चीजों पर चर्चा होती तो अच्छा रहता। हम जनता सवाल उठा पाते।"
AAP MP राघव चड्ढा ने कहा, "आज मैंने सदन में प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाने वाले उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया। जब रिचार्ज की वैद्यता समाप्त हो जाती है तब आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ आता है लेकिन इनकमिंग कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है। ये टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है जिस पर रोक लगनी चाहिए... मैंने मांग रखी कि कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए ताकि देश का आम आदमी राइट टू कम्युनिकेशन सरेंडर ना करें..."
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जवाब देते हुए बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ''मैं विपक्ष के नेता को याद दिलाना चाहूंगा कि भारत के प्रधानमंत्री से कभी कंप्रोमाइज नहीं किया जा सकता...''
संसद में बोलते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "यहां चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अध्यक्ष की भूमिका के बारे में है। कई बार मेरा नाम उठाया गया है, और मेरे बारे में बेतुकी बातें कही गई हैं। यह सदन भारत के लोगों की अभिव्यक्ति है। यह एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है। हर बार जब हम बोलने के लिए उठते हैं, तो हमें बोलने से रोक दिया जाता है। पिछली बार जब मैंने बोला था, तो मैंने हमारे पीएम द्वारा किए गए कंप्रोमाइज के बारे में एक बुनियादी सवाल उठाया था..."
लोकसभा में कार्यवाही के दौरान एक बार फिर से विपक्ष का हंगामा देखने को मिला है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उन्हें सदन में बोलने से रोका जाता है।
JMM सांसद महुआ माझी ने LPG सिलेंडर की कमी पर कहा, "लोगों में डर दिख रहा है। मैं रांची से आ रही हूं। वहां भी LPG की लाइन लग रही है। पेट्रोल पंप में भी काफी भीड़ दिख रही है। युद्ध जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है उससे नहीं लगता है कि ये तुरंत रूकने वाला है... प्रधानमंत्री विपक्ष के तमाम सांसदों को विश्वास में लेकर इस पर गंभीर विचार विमर्श करें।"
केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा, "आप(TMC) सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। आपको भारत के सारे संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है तो आप पर सवाल उठता है कि आप क्या चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानेंगे? फिर आपका यहां चुनाव लड़ने का क्या औचित्य है? आप जहां के चुनाव आयोग को मानते हैं वहां जाकर लड़िए, पाकिस्तान या बांग्लादेश में लड़िए।"
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "शिवसेना की पूरी ताकत क्या है? उद्धव ठाकरे या एकनाथ शिंदे की ताकत क्या है? दोनों की ताकत बाला साहब ठाकरे हैं। बाला साहब ठाकरे के मूल्यों पर चल कर एकनाथ शिंदे हिंदुत्व का परचम लहरा रहे हैं और भाजपा के साथ सरकार में शामिल हैं। मैंने कल सदन में बताया कि 1979 में बाला साहब ठाकरे की पत्नी पर गोली चली, उनको मारने की साजिश हुई.... जब उनको पूरी साजिश का पता चला तब उन्होंने भाषण दिया कि मैं जीवन में मरना पसंद करूंगा लेकिन कभी भी इंदिरा गांधी या कांग्रेस के साथ नहीं जाऊंगा और आज वही उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ हैं।"
सूत्रों के मुताबिक, कल इंडिया ब्लॉक CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सबमिट करेगा। विपक्ष दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाना पर विचार कर रहा है। हालांकि, इसको लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है कि किस दोनों सदनों में इसे लाया जाए या एक सदन में, देर शाम इस पर फैसला ले लिया जाएगा और कल इस सबमिट कर दिया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की रिपोर्ट को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं में शामिल हुईं।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "गैस एजेंसियों को निर्देश भेज दिए गए हैं जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किसी भी एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं करते हैं। स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। सरकार पूरी तरह से भारत के लोगों से झूठ बोल रही है।"
टीएमसी सांसद सौगत रॉय कहते हैं, "एलपीजी की कीमतें बढ़ा दी गई हैं, और एयरलाइन की कीमतें भी बढ़ रही हैं। यह केंद्र सरकार की विफलता है। उन्हें पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्हें सब्सिडी देनी चाहिए थी ताकि आम जनता को परेशानी न हो।"
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने एलपीजी सिलेंडर की कमी पर कहा, "भारत में सबकुछ कंट्रोल में है। प्रधानमंत्री मोदी ने समीक्षा की है और सरकार ने साफ-साफ कहा है कि कोई कमी नहीं है...अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की जो भी कोशिश हो रही है, उससे बचना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि अभी कोई कमी नहीं है लेकिन जमाखोरी नहीं करनी चाहिए...सरकार इन चीजों को लेकर सतर्क है..."
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "USA लगातार बोल रहा था ईरान पर किसी तरीके की कार्रवाई करेंगे। युद्ध शुरू होने से 2 दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री इजराइल पहुंचे। सबसे पहले युद्ध इजराइल की तरफ से शुरू हुआ और US ने उसे समर्थन दिया। सत्र के दौरान पेट्रोलियम मंत्री ने जवाब दिया है कि हमारे पास 72 दिन का तेल भंडार है। LPG स्टॉक है, LNG पर कोई किल्लत नहीं है। हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। जब दाम कम थे तो जनता को कोई फायदा नहीं हुआ, तेल कंपनियों को मुनाफा मिलता रहा लेकिन जैसे ही दाम बढ़े तो सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए... आज गैस पर निर्भर उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। पुणे में शवदाह गृह को बंद कर दिया गया है। आपने क्या तैयारी की थी?"
राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "लोगों के मन में अनिश्चितता है। उस अनिश्चितता के बरक्स प्रधानमंत्री को सदन में बोलना चाहिए। जब MEA बयान देते हैं तो सवाल नहीं लेते हैं स्पष्टीकरण नहीं देते हैं। इतनी अपारदर्शिता हमने कभी नहीं देखी।"
भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, "कल जो चर्चा हुई, उसमें सभी लोगों को बोलने का मौका मिला। मैं समझता हूं कि विपक्ष के सांसद भी संतुष्ट हैं कि अगर सदन को चलने दिया जा रहा है, तभी गणतंत्र की असली भाषा और उम्मीद जगती है। हम आज भी चर्चा के लिए उत्सुक हैं..."
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "महिला सशक्तिकरण वर्तमान सरकार की प्रथम प्राथमिकताओं में से एक है। जिस प्रकार से संसदीय व्यवस्थाओं में महिला आरक्षण किया गया है, उसका सीधा लाभ चाहे विधानसभा हो या लोकसभा या कोई चुनाव हो, उसमें मिल सके और महिला का सशक्तिकरण का प्रयास आगे बढ़े, सरकार की यही मंशा है..."
इसके जवाब में किरेन रिजिजू ने कहा कि ओम बिरला पर लगे आरोप झूठे हैं। वे निष्पक्षता से सदन की कार्यवाही चलाते हैं। साथ ही राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि, जब सेशन चलता है, तो राहुल विदेश चले जाते हैं।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। विपक्ष ने कहा कि स्पीकर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
मंगलवार को कांग्रेस की ओर से स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। कांग्रेस की ओर से सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा की शुरुआत की। कांग्रेस सांसद ने ओम बिरला पर विपक्षी सांसदों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया।
लोकसभा में आज गृह मंत्री अमित शाह अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव को लेकर वोटिंग होगी। इसलिए बीजेपी ने आज अपने सांसदों को व्हिप भी जारी किया है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का आज तीसरा दिन है। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों को समझने में विफल रही..."
Commercial एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों पर सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद डॉ. वी शिवदासन कहते हैं, "बहुत सारे होटल बंद हो गए हैं और कई परिवार कमी के कारण पीड़ित हैं। केंद्र सरकार इस मुद्दे को ठीक से प्रबंधित करने के लिए तैयार नहीं है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और हमारी पार्टी इस मुद्दे को संसद के बाहर उठाएगी और मूल्य वृद्धि के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएगी।"
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "सभी चीजों की कीमतें बढ़ेंगी...महंगाई चरम सीमा पर है और सरकार महंगाई को रोकने का कोई काम नहीं कर रही है...प्रधानमंत्री मोदी को प्रयास करना चाहिए कि यह युद्ध बंद हो क्योंकि युद्ध से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है...स्थिति बहुत खराब है। लोगों को अब सरकार की किसी बात का भरोसा नहीं है..."
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